Are You Poor Or living in Poverty? This Story Will Make You Smile & Motivate
क्या आप गरीब हैं या गरीबी में रह रहे हैं तो ये कहानी आपको मुस्कुराने पे
मजबूर कर देगी.
यह कहानी हमारे मोटिवेशन सीरीज की पहली कहानी हैं. यह कहानी हैं अमित बनर्जी
द्वारा quora पे
दिए गए एक उत्तर की हैं जो मुझे काफी अच्छा लगा .
इसलिए मैं उसे आप सब से शेयर करना
चाहता हु.
इस एक कहानी से आप बहुत कुछ सीख सकते हो और सायद अपने
जीने का तरीका या सोच भी बदल लेंगे.
यह बिलकुल मायने नहीं रखता हैं की आप किस सिचुएशन में
हो क्युकि आपको कभी भी ये नहीं भूलना चाहिए की अपने लाइफ के क्रिएटर आप ही हो.
It Feels Suffocating
मैं एक माध्यम वर्गीय परिवार से तालुख रखता हु और
मैंने अपने बचपन में कभी भी सही गरीबी नहीं देखी.
हा मेरे पास herculus साइकिल थी.
हा मेरी पढाई अच्छे स्कूल में हुई. हा मैं साल में एक बार disney-world जाता था.
हा मेरे पेरेंट्स मुझे छुट्टियो में घुमाने ले जाते थे. मेरे पास टीवी विडियो
गेम्स था और बहुत संख्या में catridges थे.
उसके बाद मैं कॉलेज में दाखिल हुआ. मेरी बहिन का शादी
का प्लानिंग हुआ, पिता ने एक अपार्टमेंट ख़रीदा और उन्हें मेरी इंजीनियरिंग की फीस भी
भरनी थी.
ये तीनो ही काम एक के बाद एक हुए और हम अचानक से कर्ज में आ गए.
किसी तरह हमलोग scammed हुए और खुद को बैंक के लोन्स
में घिरा हुआ पाया.
ये सब इतनी तेज़ी से हुआ की मुझे लगा मैं एरोप्लन से कूद रहा हु
वो भी बिना किसी तैयारी के और मुझे उड़ना सीखना होगा नहीं तो मैं फ़ैल हुआ तो मेरी
डेथ हो जाएगी.
यह सब (2008-2010) के वक़्त हुआ और मुझे गरीबी से खुद
ही लड़ना परा.
उसके बाद ये हुआ:
-
कॉलेज के फीस भरने के लिए मेरे पास
कोई पैसे नहीं थे(सोचना परा की खुद से पैसे कैसे कमाए जाये)
- रोज कही जाने के लिए भी किराये के
पैसे नहीं रहे(walk).
-
मस्ती करने के लिए जैसे की फिल्म
सब देखने के लिए भी पैसे नहीं रहे.(दोस्तों से स्मोकिंग के लिए भी पैसे मांगने
परे)
-
किसी भी चीज़ के लिए पैसे नहीं रहे
सिवाय बेसिक खाने के.
- उससे भी बुरा, बैंक द्वारा सारे
मुसीबतों को झेलना.
बैंक से रोज bouncers को भेजा जाता था घर EMI अमाउंट वशुलने के
लिए और मुझे ही मेरी माँ की रक्षा करनी पड़ती थी उनसे.
एक बार तो मुझे मेरे
पड़ोसियों के सामने मारा भी गया EMI के पैसे न जमा करने के वजह से.
मुझे घर के
फर्नीचर से लेके सोना तक सब कुछ बेचना परा.
मैंने अपने पिता से अपनी पढाई को अब छोरने के विषय
में भी बात किया की जिस मुसीबत में हम सब है उसमे पढाई को जारी रखने का कोई फायदा
नहीं हैं.
मैं कोई नौकरी खोज लूँगा और अपने परिवार के लिए कमाऊंगा.
तो मेरे पिता
ने ये कहा की “ बेटा तुम पैसे जब चाहो कमा लोगे लेकिन जब चाहो तब सिक्षा नहीं पा
सकते हो. यह एक कठीन समय हैं और इसकी चिंता मत करो, मैं खुद अपनी पढाई प्री नहीं
कर पाया और 18 वर्ष की आयु में ही मुझे नौकरी करनी परी, ताकि मैं घर के 10 लोगो का
भूक मिटा सकू, मेरे भाई,मेरी बहन और मेरे पेरेंट्स. मैं ये तुम्हारे साथ होते हुए
नहीं देख सकता. हम किसी तरह इस कठिन समय से निजात पा लेंगे, तुम अपनी पढाई पे
ध्यान दो. “.
यह 2008 का वक़्त था, मेरा महीने का खर्च 900-1500 था(खाना मिला के).
मेरी इंजीनियरिंग
की महीने की फीस 7000 थी, और मेरा परिवार कर्ज से जूझ रहा था.
हर महीने वो कर्ज बढ़
ही रहा था मेरी पढाई की फीस के कारन.
उस 22 साल के लड़के का क्या हाल होगा आप सोचो जिसने
कभी गरीबी न देखी हो.
जो की दोस्तों के साथ बैठने पे हजारो सराब की पार्टी में उदा
देता हो उसे उन्ही के दया पे रहना पर रहा था.
मैं टुटा हुआ और पिटा हुआ था क्युकि मुझे कुछ पता ही
नहीं था की पैसे कैसे कमाए जाये,जबकि मैं एक स्टूडेंट था.
-
मैंने BPO में इंटरव्यू दिया पर
रिजेक्ट हो गया.
- मैंने पार्ट टाइम जॉब्स के लिए
इंटरव्यू दिया उसमे भी ठुकरा दिया गया.
-
शिक्षक के नौकरी के लिए आवेदन किया
उसमे भी रिजेक्ट हो गया.
-
जिस भी गेट को मैंने नॉक किया वहा
से रिजेक्ट कर दिया गया.
-
जिन भी रिश्तेदार या दोस्त से पैसा
माँगा ठुकरा दिया गया.
मेरी ज़िन्दगी में ऐसा भी वक़्त आया जब मेरे जेब में
केवल 100 रूपये थे.
वो भी अगर कही कुछ जरुरी पर जाये और मुझे लोकल टेलीफोन बूथ से
फ़ोन करना परे.
मैं सडको पे कई दिन चला क्युकि मेरे पास रिक्शा के किराये जितने
पैसे भी नहीं थे.
भूख लगती थी तो पानी पीता था ताकि पैसे जो भी थे वो बचा सकू.
मैं
घंटो तक डाटा एंट्री जॉब्स में फॉर्म भरता था और 1 रूपये मिलते the फॉर्म भरने
के,इस तरह मैं एक दिन में 80-100/ कमा लेता था.
मैंने अपने पिता को उनका स्कूटर
देते हुए देखा ताकि वो तेल का किराया बचा सके.
मैंने अपनी माँ को परिवार के उत्सवो
को छोरते हुए देखा.
मैंने अपनी बहन को उसके जेवेलरी बेचते हुए भी देखा. मैं बाथरूम
में अकेला महीनो रोया.
मेरी गर्लफ्रेंड मुझे छोड़ के चली गयी जिस वक़्त मुझे
उसकी सबसे ज्यादा जरुरत थी, उसने कहा की “ तुम खुद मुसीबत में घिरे हुए हो बिना
किसी नौकरी के मैं तुम्हे अपने परिवार वालो के सामने कैसे पेश कर सकती हु ? “
मैं उसे खो बैठा, जिसे मैं बहुत ज्यादा चाहता था, वो
ही मेरी मुस्कुराने की एक वजह थी उस वक़्त, पैसो के कारन.(मैं जनता हु वो आज भी
मुझसे प्यार करती होगी, पर वो भी मजबूर थी, वो उसकी गलती नहीं थी. सिचुएशन ही उस
वक़्त हमारे खिलाफ थी. मैं उसके फैसले का सम्मान करता हु अब).
मैं उन दो सालो में न जाने कितनी मौत मरा.
यह इतना बुरा था की बहुत तरह के अनचाहे विचार भी मेरे
मन में आने लगे.
उसी बीच मुझे एक सरकारी नौकरी मिल गयी जो मुझे अहही
नहीं लगी और मैंने छोर दिया उसे.
मैं टुटा हुआ था, पीटा हुआ था कोई विकल्प नहीं था
मेरे पास फिर भी मैंने सरकारी नौकरी को छोर दिया.
Here is the resignation letter
(some portions have been blurred for privacy)
मैंने एक वेबसाइट बनाया 700 रूपये में वो भी कर्ज
लेके.
यह रहा वो बिल जो की मेरे दिल के काफी करीब हैं..( इसमें भी कहा गया हैं 275
बाकी).
पहले प्रयास में मैं सफल नहीं हुआ क्युकि मेरे पास किसी
तरह की टेक्निकल ज्ञान नहीं थी की वेबसाइट कैसे बनाये.
पर वो मुझे रोक नहीं सकता था
क्युकि मेरे पास और कोई विकल्प ही नहीं था.
मेरा सर्वाइवल इसी पे निर्भर था और
मुझे ये करना ही था.
-
मेरी पहली वेबसाइट नहीं चली,
अकाउंट कैंसिल ho गया.
-
मैंने दूसरा बनाया वो भी नहीं चला
और अकाउंट कैंसिल हो गया फिर.
-
मैंने तीसरी वेबसाइट भी बनायीं, पर
फिर से फ़ैल हो गया और एक बार और अकाउंट कैंसिल हो गया.
थक हार के मैंने इसे एक चोथा try दिया, बहुत कुछ
google किया, बहुत कोडिंग सीखा, बहुत कुछ लिखा और बनाया.
मैं अभी भी उन दिनों को
याद करता हु जब मैं खुद को बालकनी में बंद कर लेता था और पूरे दिन google करता
रहता था.
इसी बीच मुझे jaundice हो गया और मेरा लगभग 10-20 kg वजन घट गया. उस वक़्त
मुझे पता चला की करी मेहनत क्या होती हैं.
पहले महीने मैंने $1.29 कमाया, दुसरे महीने $8 और
तीसरे महीने $21.
मैंने उसपे कुत्ते की तरह काम किया और दो saal में
मैंने उससे $40,000 कमाया( जो जिज्ञाशु हैं ये मैंने सिर्फ एक वेबसाइट से नहीं
कमाया. मैंने बहुत फ्रीलांसिंग भी किया. ताकि मैं कई तरीको से ऑनलाइन पैसे कमा
सकू.)
यह मेरे बालकनी की तस्वीर हैं जहा मैं काम करता था (
यह मॉनिटर और लैपटॉप मुझे कॉलेज अथॉरिटीज द्वारा गिफ्ट किया गया था.)
बुरा वक़्त बहुत से लोगो को तोड़ देता हैं और बहुत से लोग
रिकॉर्ड तोड़ देते हैं.
मैंने सारा कर्ज चूका दिया और उनमे से कुछ बचा भी
लिया.
आज मैं Linkedin में नौकरी करता हु.
यह मेरे लिए जैसे
कोई सपना सच हो जाये वैसा हैं ( मैं कोई MBA नहीं हु, न ही मैं कोई iitian हु, न
ही मैंने विदेश से कोई डिग्री प्राप्त की हैं. मैन्वाही औसत ग्रेजुएट हु एक औसत
इंजीनियरिंग कॉलेज से. मैंने बस एक काम किया और वो सही हो गया. मैंने अपने दिल और
जिगर से वो किया जो मैं करना चाहता था.)
पर जो सिक्षा मैंने इन दो वर्षो में प्राप्त की उसने
मुझे एक better इन्सान बन्ने में मदद की.
अब मैं पैसे बर्बाद नहीं करता, किसी तरह का कोई
दिखावा नहीं करता. सालाना छुट्टी – हां, हर वीकेंड पार्टी – नहीं.
कठिन वक़्त में जो सीखा – उस चीज़ के लिए ग्रेअत्फुल हो
जो आपके पास हैं.
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